Database and its Advantages with Examples

hello and welcome आज मैं बात करने वाला हूँ DATA BASE जिसमें मैं बताऊंगा क्या होता है DATABASE के बारे में USE करने के लिए क्या Importance है तथा DATABASE के क्या Advantages हैं So lets Start-

Data


ऐसे Facts जिसको स्टोर व रिकॉर्ड किया जाता है जिसकी मीनिंग क्लियर होती है या data raw facts का समूह होता है । यानी कि ऐसे तथ्य होते हैं जिनको संग्रह या record किया जा सकता है तथा जिनका अर्थ बिल्कुल स्पष्ट होता है।
Database

Database organised information का कलेक्शन होता है। या
यह related information का organised समूह होता है।

Data base के कुछ नियम इस प्रकार हैं-

  1. Database में Real world की क्वालिटी होनी चाहिए ।
  2.  Real world में चेंज होने के साथ-साथ डेटाबेस में भी चेंज होना चाहिए। 
  3. Database के Data Logical रूप से connected होना चाहिए। 
  4. किसी स्पेशल वर्क को परफॉर्म करने के लिए कुछ special users  के माध्यम से डेटाबेस  क्रिएट manipulate किया जाता है। 

 Database में निम्न Technology का Use किया जाता है-

a.) Record  - फाइल या टेबल में  एक row को कहा जाता है इसमें किसी एक data item से रिलेटेड सभी प्रकार के इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जाता है ।

b.) Field - इसमें किसी एक इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जाता है सबसे छोटे डाटा आइटम जिसे सिस्टम में स्टोर किया जाता है उसे डेटाफील्ड कहते हैं इसमें नंबर व कैरेक्टर दोनों का यूज किया जाता है । जैसे customer name , address, city, contryc, phone आदि ।

c.) files - जब किसी डाटा या रिकॉर्ड्स को किसी स्पेशल ऑर्डर में अरेंज किया जाता है तब से फाइल कहते हैं इसमें कंप्यूटर स्टाफ एंप्लॉयर आदि की इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जाता है।

d.) database - जब डिफरेंट फाइल को एक साथ स्टोर किया जाता है जिसका यूज किसी स्पेशल एप्लीकेशन में किया जाता है तो इसे डेटाबेस कहते हैं।
Bites}Characters}field}record}file}database
Advantages of DBMS -
  1. Data redundancy -जब एक ही डेटाबेस एक से अधिक बार डाटाबेस में स्टोर होता है तो उसे रिडंडेंसी कहते हैं जिससे स्टोर स्पेस वेस्ट हो जाता है। centralised database create उसे ही रिडंडेंसी को कम किया जा सकता है।  कभी कुछ रिसोर्ट से डेटाबेस को एक से अधिक बार store किया जाता है, पर सिस्टम या डाटा बेस में रिडंडेंसी को कंट्रोल किया जा सकता है। 
  2. Sharing of data - जब डाटा के किसी एक part को डिफरेंट यूजेस के द्वारा यूज़ किया जाता है।  हर यूजर सेम टाइप के डाटा को एक्सेस कर सकते हैं। 
  3. Consistency - जब एक से ज्यादा डाटा सेम या एक से अधिक real word value को रिप्रेजेंट करता है तो उसे उसकी consistency कहते हैं। 
  4.  Non redundancy - किसी डेटाबेस के 2 ऑब्जेक्ट से ना हो जो सेम रियल वर्ल्ड वैल्यू को दर्शाते हैं। 
  5. Independence - डेटाबेस में स्कैम 3 लेवल मे डिफाइन किया गया है इंटरनल का  conceptual aur external जो एक दूसरे से इंडिपेंडेंट यदि 1 लेवल में चेंज किया जाए तो दूसरे लेवल में कोई इफेक्ट नहीं होता ।
  6.   persistence - जब कोई Data Process के Scope से ज्यादा Use किया जाता है तो उसे Persistence कहते हैं ।
  7.  security - Data को unauthorised access protect किया जाता है। 
आपको ये जानकारी कैसे लगी मेरेे साथ share जरूर करें तााकी इसी प्रकार की  knowlageble जानकारी  आपके लिए लेकर आते रहे।
धन्यवाद!
Khilawan patel
Pcgyan1

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Khilawan
Hi I am Khilawan founder of this blog and i live in a small Village and i am started blogging in 2017 last month and the date is 6/12/2017 and learning today..

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